पंजाब की किसानी को बर्बाद कर देंगे केंद्र के तीनों कृषि कानून – सुखजिंदर सिंह रंधावा

जालंधर : लोकसभा में केंद्र सरकार की तरफ से पास किए गए तीनों कृषि कानूनों को पंजाब के जेल व सहकारिता मामलों के मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने काले कानूनों की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि ये तीनों कानून पूरे देश का पेट भरने वाले पंजाब व पंजाब की किसानी को बर्बाद कर देंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह की अगुवाई में आयोजित वर्चुअल किसान मेले में जालंधर के जिला प्रशासकीय काम्पलेक्स से शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि इन कानूनों से खेतीबाड़ी क्षेत्र में बड़े कार्पोरेट घरानों की एंट्री होगी और किसानों का बड़े स्तर पर शोषण शुरू होगा कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी किसान हितैषी व्यवस्थाओं का वजूद खत्म हो जाएगा और किसानों को मजबूर होकर अपनी फसल प्राइवेट खरीददारों को उनकी मर्जी के दाम पर बेचनी पड़ेगी। पूरी प्रक्रिया में सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि कि ये तीनों कानून कार्पोरेट घरानों को असीमित शक्तियां प्रदान करेंगे, जोकि किसानों के शोषण की वजह बनेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश की उन्नति में पंजाब व पंजाब के किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को भुलाकर इस सरहदी सूबे को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से ये तीनों कानून जल्द वापस लेने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे को ड्रामा करार देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में राजनीतिक रोटियां सेंकने पर लगी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर आने वाले दिनों में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह विधायकों के साथ नई दिल्ली में धरना देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की कैप्टन सरकार इस कानून के विरोध में किसी भी हद तक जाएगी और इस मामले में जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में भी पेटीशन दायर करके इस कानून को चुनौती दी जाएगी। इस मौके पर विधायक सुशील कुमार रिंकू, राजिंदर बेरी, डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी, एडीसी जसबीर सिंह, मुख्य खेतीबाड़ अधिकारी सुरिंदर सिंह, वेरका के जीएम आसित शर्मा, मार्कफैड के डीएम सचिन, कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह लाली, बलदेव सिंह देव, अंगद दत्ता व अन्य मौजूद थे।