अमृतसर में नगर निगम के कोरोना संक्रमित पूर्व अधिकारी ने तोड़ा दम, राज्य में संक्रमण के कुल 79 मामलों में अब तक 8 लोग जान गंवा चुके

  • बीते 24 घंटे लुधियाना, पठानकोट 2 लोगों की मौत, कर्फ्यू में घरों में ही कैद हैं लोग
  • संक्रमण से जंग जीतने की राह में कई चुनौतियां हैं, पर सबसे बड़ा खतरा तब्लीगी जमात बनकर उभरी

जालंधर. पंजाब में कोविड-19 के संक्रमण के खौफ से निपटने के लिए सोमवार को कर्फ्यू 15वें दिन में पहुंच गया। लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। जो नहीं मानता, उस पर सख्ती बरती जा रही है, बावजूद इसके संक्रमण का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। बीते 24 घंटे लुधियाना, पठानकोट और अमृतसर में तीन लोगों की मौत के साथ अब राज्य में कुल 8 लोगों की जान संक्रमण के कारण जा चुकी है। इसके साथ ही राज्य में सोमवार को चार और मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कुल संक्रमण के कु5मामले भी 79 हो गए हैं। वैसे तो संक्रमण से जंग जीतने की राह में कई चुनौतियां हैं, पर सबसे बड़ा खतरा तब्लीगी जमात बनकर उभर रही है। कहां कैसे हैं हालात…

  • तब्लीगी जमात से फतेहगढ़ साहिब पहुंचे 32 लोगों में से दो महिलाओं को सोमवार सुबह कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई है। औरंगाबाद की रहने वाली दोनों महिलाओं को खमाणो में आइसोलेशन में रखा गया था। इनके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।
  • बीते दिन मोहाली से सामने आए तब्लीगी जमात के कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के बेटे को भी साेमवार को संक्रमण की पुष्टि हुई है, वहीं लुधियाना में आज एक और पॉजिटिव मामला सामने आया है।
  • बरनाला और कपूरथला में पहले पॉजिटिव केस आए हैं, जिनमें से कपूरथला में पॉजिटिव आया व्यक्ति भी जमाती है। रोपड़ में भी दो केस पॉजिटिव आने के बाद संक्रमितों की संख्या तीन हो गई है। 
  • इससे पहले रविवार को संक्रमण के चार केस सामने आए थे, जिनमें अमृतसर के पूर्व रागी निर्मल सिंह खालसा की बेटी भी शामिल है।
  • अब तक संक्रमण के जिलेवार आंकड़ों में सबसे ज्यादा स्थिति नवांशहर की है, जहां मृतक पाठी के 10 परिजनों-रिश्तेदारों व परिचितों को मिलाकर कुल 19 लोग संक्रमित हुए थे।
  • दूसरे नंबर पर मोहाली में 19 मामले पॉजिटिव हैं तो अमृतसर में 9 लोगों को संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसी तरह होशियारपुर में 7, जालंधर में 6 लुधियाना में 5 मामले संक्रमण के सामने आए हैं।
  • इसके अलावा रोपड़ और मानसा में 3-3, फतेहगढ़ साहिब में 2 मामले सामने आए हैं, वहीं पटियाला, फरीदकोट, बरनाला और कपूरथला में एक-एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित हैं।

अब तक हुई 7 मौतों का ब्यौरा

  • सबसे पहले 18 मार्च को नवांशहर जिले के गांव पठलावा के बुजुर्ग पाठी की मौत हुई, जो बीते दिनों जर्मनी से आया था। 
  • उसके संपर्क में आने के चलते 29 मार्च को होशियारपुर के एक व्यक्ति की मौत हो गई। वह अमृतसर में भर्ती था।
  • 30 मार्च को लुधियाना की 42 साल की महिला की पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में भर्ती कराए जाने और संक्रमण की पुष्टि होने के कुछ ही घंटे बाद मौत हो गई थी। 31 मार्च को चंडीगढ़ पीजीआईएमईआर में भर्ती मोहाली के 65 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
  • 3 अप्रैल को अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व रागी भाई निर्मल सिंह का भी निधन हो गया। हालांकि 20 मार्च को निर्मल सिंह की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन दोबारा तबीयत बिगड़ने के बाद फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। 1 अप्रैल को शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो 2 अप्रैल की सुबह उन्होंने आखिरी सांस ली।
  • रविवार 5 अप्रैल को लुधियाना के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती 69 साल की महिला ने दम तोड़ दिया, जो 31 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराई गई थी और 2 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 
  • अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती पठानकोट जिले के सुजानपुर की 75 वर्षीय महिला की भी रविवार को ही मौत हो गई। महिला को 1 अप्रैल को पठानकोट से अमृतसर रेफर किया गया था। चार अप्रैल को उसे कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 
  • यह जिले का पहला पॉजिटिव केस था, वहीं महिला के 12 परिजनों को चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट किया गया है तो सुजानपुर कस्बे को भी सील कर दिया गया है।

ये हैं चार बड़ी चुनौतियां

  • कोरोना के खौफ के बीच राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए मार्च महीने में पंजाब आए 90 हजार से ज्यादा एनआरआई बड़ी चुनौती हैं। इसी के साथ हाल ही में हुए खुलासे के मुताबिक दिल्ली के निजामुदीन में आयोजित मुस्लिम समुदाय के मरकज (धर्म प्रचारकों का सम्मेलन) में शामिल होने के बाद देशभर में फैले लोग भी दूसरी बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।
  • दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात भी इन दिनों पूरे देश में चर्चा और चिंता का विषय है। राज्य में अब तक 6 तब्लीगियों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, वहीं बड़ी चिंता का कारण है कि पंजाब से कितने लोग मरकज गए, कब लौटे, कहां से कितने लोगों को भेजा गया और अब कहां हैं, इस बारे में कोई भी कुछ नहीं बोल रहा।
  • तीसरी बड़ी चुनौती दम तोड़ चुके पठालावा का बुजुर्ग पाठी, रागी निर्मल सिंह और फिलहाल लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती शहर के स्टील कारोबारी की 55 वर्षीय पत्नी है, जो स्पेन से आने के बाद कई धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुई। साथ ही उसके बुटीक पर न जाने कितनी महिलाएं उसके संपर्क में आई होंगी।
  • इतना ही नहीं, राज्य में अलग-अलग जगहों से मेडिकल स्टाफ के लिए पूरे प्रबंध नहीं होने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। बीते दिनों अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में लोकल प्रबंधन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे थे, वहीं सोमवार को बठिंडा में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

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