इमोशनल अत्याचारी है बर्गर, पेट में करता है तांडव – जाने क्यों

बर्गर बहुत टेस्टी होता है और इसे देखते ही मुंह में पानी आ जाता है… इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता। यह सबसे अधिक खाए जानेवाले फास्ट फूड्स में शुमार है, जिसे दुनियाभर में लोग खाना पसंद करते हैं। बस, इसके प्रति जरूरत से अधिक प्रेम ही हमारी सेहत के साथ खिलवाड़ करता है। यहां जानिए, जब आप बर्गर खाते हैं तो आपके पेट में किस तरह का घटनाक्रम होता है और बॉडी को क्या-क्या मिलता है…

सबसे पहले डायट और कैलरी की बात हेल्थ एक्सपर्ट्स और डायटीशियन्स के अनुसार, जंक फूड्स कैलरी, फैट, सॉल्ट और ऑइल की अधिक मात्रा से भरपूर होते हैं। ये सभी चीजें अगर एक लिमिट से अधिक हमारे शरीर के अंदर जाएंगे तो जाहिर तौर पर अपना नकारात्मक असर दिखाएंगी।

-एक मीडियम साइज के बर्गर में आमतौर पर 500 कैलरीज होती हैं और 20-25 ग्राम फैट होता है। वहीं शुगर और सॉल्ट की मात्रा क्रमश: 10 ग्राम और 1 ग्राम होती है। इतना सब एक साथ आपके हमारे पेट में तूफान लाने के लिए काफी है।

बर्गर का असर

बर्गर खाने के मात्र 15 से 20 मिनट के अंदर हमारी बॉडी में ग्लूकोज की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है, जो इंसुलिन के लेवल को बढ़ाती है। ग्लूकोज के बढ़े लेवल के कारण हमें कुछ समय के लिए बहुत अधिक एनर्जी और फ्रेश फील होता है लेकिन फिर जल्दी ही भूख भी लगने लगती है। कई बार बर्गर खाने के थोड़ी ही देर में क्रेविंग भी होने लगती है और हमारे स्वीट बड कुछ मीठा खाने की ललक बढ़ाने लगते हैं। इससे शुगर का इंटेक बढ़ता है।

 

अलर्ट बर्गर लवर्स 

अगर आप आय दिन बर्गर खाने के शौकीन हैं तो इस बात को सुनिश्चित कर लीजिए कि जो कैलरी कंज्यूम की है, उसकी खपत भी करनी है। नहीं तो आपको फैट गेन करने और डायबीटीज का मरीज बनने से कोई नहीं रोक सकता।

-एक और जरूरी बात यह है कि अगर आप बर्गर खाते हैं लेकिन एक्सर्साइज और फिजिकल ऐक्टिविटीज से आपका कोई लेना-देना नहीं है तो आपकी आर्टरीज बर्गर से साथ बॉडी में गए सैचुरेटेड फैट को एक्सेप्ट नहीं कर पाती हैं। यह फैट बॉडी में इक्ट्ठा होता है रहता है, जो आगे चलकर नसों में खून के संचार को बाधित करता है और हार्ट स्ट्रोक का खतरा मंडराने लगता है। जिसके बारे में हमें पहले से कोई भनक तक नहीं होती।

इसलिए अगर आप एक सेहतमंद जिंदगी जीने की चाह रखते हैं तो बर्गर के साथ ही अपने आपके प्रति भी प्यार जताइए। बर्गर खाइए लेकिन एक्सर्साइज, रनिंग, जॉगिंग और जिम को भी जिंदगी का हिस्सा बनाइए। ताकि कैलरी और फैट दोनों कंज्यूम हो सकें।

 

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