गंजों का दर्द बयां करता अनुपम खेर का मजेदार गीत, बोले- ऐ मेरे बिछड़े बालों, फिर से उग आओ सालों

बॉलीवुड डेस्क.  64 साल के अनुपम खेर ने ट्विटर पर एक मजेदार गाना साझा किया है। इसे वे खुद गा रहे हैं। दरअसल, यह फिल्म ‘काबुलीवाला’ के गीत ‘ऐ मेरे प्यारे वतन’ की पैरोडी है, जिसके जरिए फनी अंदाज में उन लोगों का दर्द बयां किया गया है, जिनके बाल झड़ चुके हैं और गंजेपन से परेशान हैं। अनुपम ने कैप्शन में लिखा है, “दुनियाभर के गंजों को समर्पित मेरा ये भावपूर्ण गाना।” गाने के बोल कुछ इस प्रकार है, “ऐ मेरे बिछड़े बालों, फिर से उग आओ सालों…तुम पे मैं कुर्बान।”

ट्वीट पर आ रहे मजेदार कमेंट 

ट्विटर यूजर्स इस गीत को खूब पसंद कर रहे हैं और मजेदार कमेंट भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है, “बाल विवाह ही ठीक था…अब तो विवाह तक बाल ही नहीं बचते।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मुझे नहीं पता कि आप क्या कह रहे हैं, लेकिन सुनने में अच्छा लग रहा है।” एक यूजर का कमेंट है, “आपके ‘अनुपम’ व्यंग्य के चक्कर में अब गंजों की ‘खेर’ नहीं।”  एक यूजर ने लिखा है, “गंजे का दर्द समझिए: कॉस्मेटिक की दुकान पे खड़ा है गंजा, सर पर एक भी बाल नहीं है, मांग रहा है कंघा। गंजेपन के अपने फायदे हैं, बारिश में बाल भीगने की दिक्कत नहीं। बी पॉजिटिव। कुछ भी हो सकता है।”

Emotional Song Dedicated To Bald People
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